वाहन चालक जेल में, लेकिन स्कूल प्रबंधन की भूमिका अब भी संदेह के दायरे में
Ignorance : छिंदवाड़ा। एक निजी स्कूल में छह साल की मासूम बालिका के साथ कथित यौन उत्पीडऩ के मामले में आरोपी
वाहन चालक के खिलाफ पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है। लेकिन स्कूल प्रबंधन की भूमिका को लेकर
अब तक किसी कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। मामले में
आरोपी चालक के खिलाफ कार्रवाई के बाद अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी
और घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है। सूत्रों के अनुसार, विवेचना के दौरान
पुलिस ने स्कूल पहुंचकर कुछ लोगों के बयान दर्ज किए हैं। इसके बावजूद स्कूल प्रबंधन के विरुद्ध अब तक किसी
प्रकरण के दर्ज होने की जानकारी सामने नहीं आई है।
स्कूल की जवाबदेही पर भी उठ रहे सवाल
इस घटना ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। सवाल यह है कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्कूल स्तर
पर क्या व्यवस्थाएं थीं और घटना के संबंध में प्रबंधन की क्या भूमिका रही ?
हालांकि, स्कूल प्रबंधन की किसी भी प्रकार की संलिप्तता या लापरवाही अभी जांच में प्रमाणित होना बाकी है।
ऐसे में पुलिस के लिए आवश्यक है कि सभी संबंधित पहलुओं की निष्पक्ष जांच कर तथ्यों के
आधार पर कार्रवाई की जाए।
निष्पक्ष जांच पर टिकी निगाहें
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मासूम की सुरक्षा से जुड़े इस गंभीर मामले में अभिभावक निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार पक्षों के विरुद्ध नियमानुसार
कार्रवाई की अपेक्षा कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि बीते दिनों परासिया के एक निजी स्कूल में अध्ययनरत छह
वर्षीय बालिका के साथ स्कूल वाहन चालक द्वारा कथित रूप से अशोभनीय हरकत किए जाने का मामला
सामने आया था। शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर उसे जेल भेज दिया था।
अब मामले के अन्य पहलुओं की जांच और स्कूल प्रबंधन की जवाबदेही को लेकर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।
इनका कहना है
इस मामले में मैं डायरी देखती हूं, संबंधित अधिकारी से पूरी जानकारी लेने के बाद ही कुछ कह सकूंगी।
– आकांक्षा उपाध्याय, एसडीओपी, परासिया
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