इमलीखेड़ा के ऊटाढाना का मामला, प्रशासनिक चुप्पी से बढ़ी हिम्मत
Mining : छिंदवाड़ा। शहर से सटे इमलीखेड़ा के ग्राम उटाढाना क्षेत्र में माफिया द्वारा अवैध रेत उत्खनन का काला कारोबार
बेहद जोरों-शोरों से जारी है। खनन माफिया बेखौफ होकर खेतों को खोदकर खुलेआम रेत निकाल रहे हैं,
जिससे न केवल पर्यावरण और कृषि भूमि को भारी नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि क्षेत्र में भय का माहौल
भी बन चुका है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इस पूरे अवैध कारोबार को मुख्य रूप से
अर्जुन और नीलेश अंजाम दे रहे हैं। ये लोग खेतों में जबरन खुदाई कर रेत निकाल रहे हैं।
हद तो तब हो जाती है जब कोई ग्रामीण या खेत मालिक इसका विरोध करता है या शिकायत करने की बात
कहता है तो ये अवैध कारोबारी अर्जुन और नीलेश उसे खुलेआम धमकाने पहुंच जाते हैं।
कुछ किसानों ने बताया कि उन्हें जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं।
सड़कें जर्जर, आवागमन हुआ दूभर
रेत से भरे भारी-भरकम ट्रैक्टरों की लगातार आवाजाही के कारण क्षेत्र की सड़कों के हाल बेहाल हो चुके हैं। ट्रैक्टर के
पहियों से सड़कें पूरी तरह उधड़ चुकी हैं, जिससे राहगीरों और क्षेत्रवासियों को आने-जाने में परेशानियों का सामना
करना पड़ रहा है। दुर्घटनाओं का अंदेशा लगातार बना रहता है, लेकिन ग्रामीणों की इस बुनियादी समस्या पर
कोई ध्यान देने वाला नहीं है।
आखिर क्यों मौन है प्रशासन ?
इतने बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध उत्खनन और दबंगई के बावजूद स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग
पूरी तरह बेखबर और मौन बना हुआ है। ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर खनन माफियाओं को किसका
संरक्षण प्राप्त है ? शिकायत के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई न होना प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर
गंभीर सवालिया निशान खड़े करता है। क्षेत्र के त्रस्त नागरिकों और किसानों ने शासन-प्रशासन से
मांग की है कि इस अवैध उत्खनन पर तुरंत रोक लगाई जाए, माफिया अर्जुन व नीलेश पर सख्त
कानूनी कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि कार्रवाई के अभाव में वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
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