रसूख के दम पर नियमों को दिखाया जा रहा ठेंगा, अधिकारियों का भी मिला साथ !
Accountability : छिंदवाड़ा। शहर की पॉश कालोनी में शुमार सिग्नेचर में अनियमितता की जांच को
एक अधिकारी ने ही रुकवा दिया है। इससे उक्त प्रशासनिक अधिकारी की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लगाए जाने लगे हैं
साथ ही आम जनता के प्रति उनकी जवाबदेही और निष्पक्षता को लेकर भी सवाल उठाए जाने लगे हैं। सूत्रों से मिली
जानकारी के अनुसार तकरीबन एक माह से कुछ पहले नगर निगम ने सिग्नेचर कालोनी विकसित करने वालों
(संजय शाह और राहुल अग्रवाल) को नोटिस जारी किया था। इसमें कालोनी विकास से संबंधित गंभीर
अनियमितताओं को बताते हुए नियमों के विपरीत कार्य किए जाने की बात कही गई थी। इससे कुछ माह पूर्व भी
राजस्व विभाग ने सिग्नेचर में गंभीर अनियमितताओं की जांच के लिए पटवारी आदि को निर्देशित
किया था लेकिन सभी आदेश फाइलों में पड़े धूल खा रहे हैं। जांच के नाम पर न तो किसी टीम का गठन किया गया,
न ही जिम्मेदारों ने कार्रवाई की सुध लेने की जहमत उठाई। सूत्र बताते हैं कि सिग्नेचर कालोनी की जांच
के मामले को लेकर एक अधिकारी ने संबंधितों को फोन कर जांच रोके जाने के मौखिक निर्देश दिए
जिसके बाद यह मामला दबा दिया गया।
अवैध गोदाम निर्माण मामले में भी राहुल अग्रवाल
गौरतलब है कि कुछ दिनों पूर्व सत्कार कंपाउंड में बिना अनुमति बनाए जा रहे गोडाउन के मामले में भी राहुल अग्रवाल
का नाम आया था। उक्त मामले में भी राहुल अग्रवाल को निगम ने नोटिस जारी किया था। इसके बाद
उक्त गोडाउन के अस्थाई हिस्से को तो खोल लिया गया लेकिन जमीनी स्ट्रक्चर पर निगम अब तक
बुलडोजर नहीं चला पाया है। बहरहाल, राजनीतिक रसूख के चलते जिस अधिकारी ने सिग्नेचर
कालोनी की जांच रुकवाने के लिए फोन किया उसके कारण पूरे जिला प्रशासन की किरकिरी हो रही है।
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