परिषद का हंगामेदार सम्मेलन, दो प्रस्तावों पर ही हुई चर्चा
Tumultous Conference : छिंदवाड़ा। नगर पालिक निगम में शुक्रवार को परिषद का सम्मेलन बुलाया गया।
यह सम्मेलन खासा हंगामेदार रहा। सम्मेलन में निगम प्रशासन को दोनों पक्षों ने घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
पक्ष और विपक्ष दोनों के निशाने पर आयुक्त सीपी राय रहे।
शुरूआत में ही गौ शाला की बद्तर स्थिति को लेकर कांग्रेस ने हंगामा किया।
नेता प्रतिपक्ष हंसा अंबर दाढ़े ने गौ शाला में हो रही लापरवाही का मुद्दा उठाया। इस पर पक्ष-विपक्ष में जमकर तीखी बहस हुई।
बाद में महापौर और कमिश्नर ने सभी को आश्वस्त किया कि गौ शाला की जांच के लिए कमेटी बनाई जाएगी जो गौ शाला की स्थिति की समीक्षा करेगी।
इस आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस आश्वासन पर कांग्रेस पार्षद सहमत नहीं हुए।
कुल नौ प्रस्ताव रखे गए…
सम्मेलन के दौरान सदन में कुल नौ प्रस्ताव रखे गए। पहले प्रस्ताव के रूप में नगर पालिक निगम का वर्ष 2025-26 का अनुमानित बजट रखा गया जो सर्वसहमति से पास हो गया।
दूसरा प्रस्ताव ट्रांसपोर्ट नगर के विकास कार्य एवं भूखंडों के दरों के निर्धारण को लेकर रखा गया जिस पर भारी हंगामा हुआ।
इसमें बिना टेंडर 2 करोड़ 70 लाख रुपए के लेवलिंग कार्य करवाने को लेकर हंगामा हुआ।
कांग्रेस के पार्षदों ने निगम प्रशासन पर इस काम को लेकर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।
बिना टेंडर काम शुरू करवाने को लेकर निगम प्रशासन बैकफुट पर नजर आया।
इस पर भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों के पार्षदों ने काम बंद करवाने, अब तक किए गए काम का भुगतान न किए जाने और विधिवत टेंडर के बाद काम करवाने की मांग की।
कमिश्नर सीपी राय ने पार्षदों की मांग मानते हुए इस काम पर रोक लगाने और टेंडर कॉल करने की बात कही।
शेष प्रस्ताव बिना पढ़े ही पास
सम्मेलन में शेष सात प्रस्ताव बिना पढ़े ही पास कर दिए गए। दरअसल लंच ब्रेक के बाद पुन: सम्मेलन में महापौर,
निगम अध्यक्ष, कमिश्नर, सभी सभापति और पार्षद पहुंचे। प्रस्ताव क्रमांक 2 पर बहस अभी शुरू ही हुई थी कि अचानक पार्षद दिवाकर सदारंग खड़े हुए और उन्होने कहा कि बैठक में रखे गए प्रस्ताव सभी ने पढ़ लिए हैं।
भाजपा के सभी पार्षद इन सभी प्रस्तावों को लेकर सहमत हैं। इस पर उन्होने सभी भाजपा पार्षदों से राय मांगी और सभी ने समर्थन कर दिया।
दिवाकर सदारंग ने सभी से कहा कि जब सभी प्रस्ताव पास हो गए हैं तो यहां बैठने का कोई औचित्य नहीं है।
इस पर सभी भाजपा पार्षद सदन से उठकर बाहर चले गए।
…जब भड़क गए निगम अध्यक्ष
जब सभी भाजपा पार्षद सदन से जाने लगे तो कमिश्नर, निगम सचिव सहित अन्य अधिकारी भी अपनी कुर्सी से खड़े हो गए।
इस पर निगम अध्यक्ष धर्मेंद्र सोनू मागो भड़क गए। उनका कहना था कि वे अध्यक्ष हैं और उन्होने अभी सम्मेलन समाप्ति की घोषणा नहीं की है।
ऐसे में कोई भी अधिकारी बाहर नहीं जा सकता। उनका गुस्सा देख अधिकारी वापस बैठ गए।
कमिश्नर भी हुए नाराज…
सत्ता पक्ष के वॉक आउट के बाद कांग्रेस पार्षद महापौर, निगम अध्यक्ष और कमिश्नर की कुर्सी के सामने अपनी बात रखने पहुंचे।
इस दौरान कांग्रेस पार्षद टिंकू राय ने कमिश्नर को सलाह दे दी कि वे अपने नियम से काम करें किसी की व्यक्तिगत सलाह पर नहीं।
इतना सुनते ही कमिश्नर श्री राय ने नाराजगी जताते हुए कहा कि ‘मैं बहुत देर से सुन रहा हूं, आप आरोप लगाते आ रहे हैं।
जब तक अध्यक्ष जी बैठक समाप्ति की घोषणा नहीं करेंगे मैं यहीं बैठा हूं।’
सम्मेलन के दौरान निगम की बिजली काटी!
निगम में हास्यास्पद स्थिति तब बनी जब सम्मेलन में लंच ब्रेक के दौरान अचानक बिजली गुल हो गई।
निगम कर्मियों ने जब पतासाजी की तो पता चला कि बिजली बिल का भुगतान न होने के कारण बिजली कंपनी ने बिजली काट दी है।
निगम के अंदर तो हंगामा चल ही रहा था, इस मामले के बाद बाहर भी हंगामा खड़ा हो गया।
आनन-फानन में बिजली कंपनी के अधिकारियों से बात कर बिजली सप्लाई चालू करवाई गई। लगभग आधा घंटा बिजली बंद रही।
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