MP Politics : जुन्नारदेव विधायक के बयान से गर्माई ‘जमीनी’ राजनीति !

आदिवासियों की जमीन कन्वर्जन का मामला, 147 नामों की सूची मिलने का किया दावा

MP Politics : छिंदवाड़ा। जुन्नारदेव विधायक सुनील उईके के बयान से एक बार फिर छिंदवाड़ा की

‘जमीनी’ राजनीति गर्मा गई है। आदिवासियों की जमीनों को नियम विरुद्ध कन्वर्ट करवाकर खरीद

फरोख्त किए जाने के मामले में जुन्नारदेव विधायक ने दावा किया है कि उनके पास 147 लोगों के

नामों की सूची आ गई है। वे विशेषज्ञों के माध्यम से और जानकारी जुटा रहे हैं जैसे जमीन

पहले किसके नाम पर थी, किसके नाम पर खरीदी गई, किसके नौकर के नाम पर ट्रांसफर हुई और

अब किसके नाम पर आ गई है आदि सवालों के जवाब ढूंढे जा रहे हैं। उन्होने कहा कि जब वे

खुलासा करेंगे तो सारी जानकारी देंगे कि इस नियम विरुद्ध कार्य से किसके तार जुड़े हैं।

सुनील उईके नीट पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस के संवाद कार्यक्रम की जानकारी देने

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कांग्रेस भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में बोल रहे थे।

जिसका मान उसकी हानि : उईके

विधायक सुनील उईके ने सांसद द्वारा उन्हे दिए गए मानहानि नोटिस को लेकर कहा कि जिसका

मान होता है उसकी हानि होती है। उन्होने कहा कि चाहे तो सर्वे करवा लिया जाए जिसके बाद

सब साफ हो जाएगा। उन्होने कहा कि सांसद नोटिस के माध्यम से आदिवासी की आवाज को

दबाना चाह रहे हैं। श्री उईके ने यह भी कहा कि मान हानि तो आदिवासी की हुई है, नोटिस तो हम देंगे।

‘शीलेंद्र सिंह के रहते सही जवाब नहीं मिला’

आदिवासियों की जमीन कन्वर्जन के मामले में सुनील उईके ने कहा कि उन्होने कई बार विधानसभा

प्रश्र लगाया लेकिन जब तक शीलेंद्र सिंह कलेक्टर थे उन्हें सही जवाब नहीं मिला।

उनके हटने के बाद अब उन्हें 147 नामों की सूची मिल गई है।

विधायक बोले- छिंदवाड़ा में डर का माहौल

विधायक ने कहा कि छिंदवाड़ा में अब डर का माहौल है, कालोनाइजर डरे हुए हैं। भू माफिया और उनसे

जुड़े लोग हावी हैं। पहले कमलनाथ के कार्यकाल में कभी आदिवासियों की जमीन कन्वर्जन के मामले

नहीं आए। ये पिछले दो वर्षों में ही क्यों हुआ है। गौरतलब है कि सांसद बंटी विवेक साहू के कार्यकाल

को लगभग दो वर्ष हुए हैं और उनके ही कार्यकाल में आदिवासियों की जमीनों के कन्वर्जन

का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।

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