150 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा, जागरुकता बढ़ाने आयोजन
Seed Fair : छिंदवाड़ा। जिले के विकासखंड तामिया के ग्राम बीजाढाना में आदिवासी महिलाओं द्वारा
परंपरागत बीज संरक्षण एवं आदान-प्रदान मेले का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य
देशी एवं पारंपरिक बीजों के महत्व को समझाना तथा उनके संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
आयोजन कृषि विज्ञान केंद्र तामिया के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. डीसी श्रीवास्तव के तकनीकी
मार्गदर्शन में तथा परार्थ समिति छिंदवाड़ा द्वारा किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के लगभग 20
गांवों की आदिवासी महिला कृषकों ने भाग लेकर परंपरागत बीजों के संरक्षण एवं आदान-प्रदान में
सक्रिय सहभागिता की। इस दौरान डॉ. सुरेश कुमार अहिरवार, डॉ. सुंदरलाल अलावा एवं राकेश कुमार
मेश्राम ने किसानों को परंपरागत बीजों की उपयोगिता, संरक्षण की विधियां तथा कृषि जैव विविधता
के महत्व की जानकारी दी। कार्यक्रम में परार्थ समिति से रामदास नागले एवं दारा सिंह तथा ग्राम की
सरपंच सहित अनेक कृषक उपस्थित थे। इस अवसर पर किसानों ने अपने पास संरक्षित पुराने एवं देशी
बीजों का एक-दूसरे के साथ आदान-प्रदान किया। मेले के दौरान आदिवासी जनजातीय

लोकगीतों की प्रस्तुति ने सांस्कृतिक वातावरण को जीवंत बनाया। साथ ही किसानों एवं युवाओं को बीज
बॉल निर्माण का प्रशिक्षण दिया गया तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में इसकी उपयोगिता से
अवगत कराया गया। विशेषज्ञों ने किसानों को बीजों के सुरक्षित भंडारण, उनकी शुद्धता बनाए रखने
तथा आने वाली पीढिय़ों के लिए परंपरागत बीजों के संरक्षण के प्रभावी तरीकों की जानकारी दी। कार्यक्रम में
कुल 150 प्रतिभागियों ने भाग लिया। अंत में सभी किसानों ने परंपरागत बीजों के संरक्षण एवं
संवर्धन के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया। आयोजन के समापन पर सभी
प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया।
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