प्रभारी आरटीओ ने एक बस जब्त कर की खानापूर्ति
Non Action : छिंदवाड़ा। परिवहन विभाग ने बसों की सघन जांच के निर्देश दिए हैं। जांच चल भी रही है।
आज (शुक्रवार) को सुबह-सुबह परिवहन विभाग के उडऩदस्ते ने स्कूली बच्चों को ले जा रहीं दो
मैजिक वाहन और एक बस जब्त कर अमरवाड़ा थाने में खड़ी करवाई हैं। इससे पहले भी
स्कूली वाहनों पर कार्रवाई की गई है। लेकिन एक मामला जो परिवहन विभाग से जुड़े लोगों की जबान
पर है वो है प्रयाग बसों का। दरअसल प्रयाग बसों के संचालन को लेकर प्रभारी आरटीओ
अनुराग शुक्ला से पिछले दिनों कई शिकायतें की गईं। इस पर प्रभारी आरटीओ ने कार्रवाई करते हुए
बिना परमिट दौड़ रही एक ‘प्रयाग’ बस को जब्त कर लिया। इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
जब्त बस अब भी आरटीओ कार्यालय की शोभा बढ़ा रही है। सूत्र बताते हैं कि ‘प्रयाग’ की अन्य बसें

पिछले दिनों प्रभारी आरटीओ अनुराग शुक्ला ने एक प्रयाग बस जब्त की थी और इस कामयाबी पर मानसरोवर काम्पलेक्स में फोटो सेशन भी करवाया था।
अब भी जिले की सड़कों पर दौड़ रहीं हैं। उनमें भी कुछ ‘फेक’ परमिट पर तो कुछ बिना परमिट।
सवाल ये उठाए जा रहे हैं कि जब बार-बार प्रयाग बसों की शिकायतें की गईं हैं तो
उससे संबंधित सभी बसों की जांच क्यों नहीं की गई ? क्या एक ही बस की जांच में गड़बड़ी मिली ?
एक पर कार्रवाई, अन्य को अभयदान !
सूत्रों के मुताबिक प्रभारी आरटीओ ने प्रयाग की एक बस पर कार्रवाई कर उससे संबंधित अन्य
बसों को ‘अभयदान’ दे दिया है। प्रयाग की अन्य बसें अब बेखौफ या तो ‘फेक’ परमिट पर या
बिना परमिट दौड़ रही हैं। एक बस जब्त कर प्रभारी आरटीओ के पास शिकायतकर्ताओं को
देने के लिए जवाब मिल गया है।
‘फेक’ परमिट क्यों ?
जानकारों के मुताबिक परिवहन विभाग फिलहाल नए परमिट जारी नहीं कर रहा या परमिट रिन्यूअल
की कार्रवाई नहीं कर रहा। ऐसे में बस संचालकों को शादी-विवाह, पिकनिक, तीर्थयात्रा या विशेष
प्रयोजनों के लिए परिस्थितिवश अलग से कुछ दिनों के लिए परमिट जारी किए जाने की व्यवस्था होती है।
इस व्यवस्था का परिवहन विभाग के जिम्मेदारों की मिलीभगत से बस संचालक अनुचित लाभ उठाते हैं।
बारात या पिकनिक आदि के नाम पर 7-8 दिन का परमिट निकलवाते हैं और उस पर
सवारी लाने-लेजाने का काम करते हैं।

इनका कहना है
एक प्रयाग बस को जांच के बाद जब्त किया गया है। शेष बसों की जांच भी की जाएगी। कार्रवाई जारी है। विभाग की व्यवस्थाओं के हिसाब से विशेष परिस्थितियों में परमिट जारी किए जाते हैं। यदि अन्य प्रयोजनों के लिए जारी परमिट पर सवारी ले जाई जाती कोई बस पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
– अनुराग शुक्ला, प्रभारी आरटीओ, छिंदवाड़ा
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