Public Problem : केवलारी में घंटो तक लग रहा मुख्य सड़क पर जाम

सड़क मार्ग पर पैदल चलना हुआ मुश्किल

Public Problem : केवलारी। केवलारी नगर कहने को तो ग्राम पंचायत का चोला निकालकर

नगरपरिषद हो चुका है परंतु नगर के हालात और व्यवस्था सुधारने के लिए निर्वाचित पदाधिकारियों की

सोच कहीं से नजर नही आती। नगर परिषद के गठन के लगभग 3 वर्ष से ज्यादा हो गए

लेकिन अभी तक यहां रह रहे लोगों को महसूस नहीं हुआ कि नगर परिषद बनने के जनता

को क्या फायदे हो सकते हैं। नगर परिषद बनने के बाद सासन से प्राप्त राशि से संसाधनों की

बेहिसाब खरीद फरोख्त तो कर ली गयी लेकिन उनके रख रखाव और संचालन की कोई

ठोस योजना पर काम नहीं किया गया जिससे लोगों को महसूस होने लगा है जैसे नगर

परिषद की मांग उठाकर यहां के लोगों ने कोई भारी भूल कर ली हो।

नगर की मूलभूत सुविधाओं के अलावा यातायात और सुगम सड़क मार्ग पर आवागमन की व्यवस्था

संभालने की जिम्मेदारी नगर परिषद की है जिसे लेकर जिम्मेदार कहीं से गंभीर नजर नही आते।

मुख्य सड़क पर हमेशा लगता है

जाम नगर में यातायात व्यवस्था इतनी बेहाल है कि लगभग हर दिन ही मुख्य सड़क पर

जाम की स्तिथि निर्मित होती है जिसमें फंसकर आने जाने वाले लोग व्यवस्था को कोसते नजर आते हैं।

यात्री बसों के खड़े होने के लिए विशाल परिषर में बस स्टैंड बना है जिसमें एक वक्त पर आधा दर्जन

बस खड़ी की जा सकती हैं फिर भी इस मार्ग पर चलने वाली अधिकतर बस सड़क में ही खड़ी की जाती हैं जिससे

अन्य वाहनों को निकलने का रास्ता नहीं मिलता और बसों के पीछे अन्य वाहनों की लंबी-लंबी लाइन लग जाती है।

इतना ही नहीं अधिकतर बसें स्टैंड से निकल कर ऊगली नाका और अस्पताल के सामने आकर सड़क पर

काफी देर तक खड़ी की जाती हैं जिससे अक्सर ही जाम की स्तिथि निर्मित होती है। शुक्रवार को लगने वाली

साप्ताहिक बाजार के दिन तो स्थिति विकराल हो जाती है जब अस्थाई दुकानों की वजह से मुख्य सड़क पर

घंटो तक जाम लग जाता है। जिस वजह से लंबी दूरी के यात्रियों को गन्तव्य तक पहुंचने में विलंब होता है।

मुख्य सड़क पर फैला बेतरतीब अतिक्रमण

ऊगली नाका से लेकर अस्पताल के सामने तक सड़क मार्ग पर स्थित दुकानों में दुकानदारों ने

बाहर तक अपना सामान फैला कर रखा है साथ ही सड़क किनारे लगने वाली अस्थायी दुकानों ने सड़क

के किनारे से ही दुकाने लगा रखी हैं जिससे समान खरीदने वाले ग्राहक रोड में खड़े होकर समान

खरीदने को विवश होते हैं। इस वजह से सड़क मार्ग और भी सकरा हो जाता है और चौपहिया

वाहनों को निकालने का रास्ता नहीं मिलता। पैदल चलने वालों के लिए तो सड़क से चलना भी

कोई दु:स्वप्न से कम नहीं होता, हमेशा दुर्घटना का भय बना रहता है।

बैंकों में नही है पार्किंग व्यवस्था

बस स्टैंड में स्थित सेंट्रल बैंक और अस्पताल के सामने स्थित स्टेट बैंक जो कि सड़क से लग कर हैं उनके

सामने पार्किंग की कोई व्यवस्था नही है जिससे वहां प्रतिदिन हजारों की संख्या में आने वाले

ग्राहकों के दुपहिया वाहन सड़क पर खड़े किए जाते हैं इससे मुख्य सड़क पर वाहनों की

आवाजाही के लिए भारी मुश्किल पैदा हो जाती है।

थाने के सामने लगने लगी सब्जी दुकानें

नगर के हृदयस्थल चांदनी चौक जहां सबसे ज्यादा ट्रैफिक की स्तिथि खराब रहती हैं वहां से तहसील

और बाजार को जोडऩे वाली सड़क भी हैं जहां चैराहे से लोग बड़ी संख्या में आवागमन करते हैं।

थाना परिसर के सामने ही अनेक सब्जी और फल बेचने वालों ने वहां स्थाई कब्जा कर

अतिक्रमण की समस्या को और विकराल कर दिया है, जिसकी ओर न थाने के जिम्मेदारों का ध्यान

जाता है न ही नगरपरिषद का।

नगर के अंदर जाने वाली सड़क भी अतिक्रमण का शिकार

नगर के अंदर जाने वाले दोनों प्रवेश मार्ग पर अतिक्रमण होने और उक्त मार्गों पर लगने वाली अस्थायी

सब्जी दुकानों की वजह से नगर के अंदर जाने वाली सड़क सिमट कर एक चौथाई ही रह जाती है जिस

पर बमुश्किल दोपहिया वाहन निकल पाते हैं। अगर कोई व्यक्ति चौपहिया वाहन लेकर वहां से गुजर

जाए तो उसे भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है साथ ही सड़क पर दुकान लगाने वाले

व्यापारियों के साथ लड़ाई की नौबत आ जाती है। ऐसी परिस्थिति में दोनों मार्ग पर कोई भी अपने

वाहन लेकर अंदर नही जाना चाहता जिस वजह से अंदर को ओर बाजार चौक में दुकान लगाने

वाले सैकड़ों व्यापारियों का व्यापार चौपट होने की कगार पर पहुंच रहा है और छोटे

व्यापारियों के समक्ष परिवार के जीवनयापन का संकट उत्पन्न होने लगा है।

Read More…BJP MP News : जुन्नारदेव मंडल अध्यक्ष का आपत्तिजनक ऑडियो और फोटो वायरल !

Read More…Treachery : ‘जीते’ ने पार्टनर के साथ फिर कर दिया खेला !

Spread The News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *