अधिकारियों में दूरदर्शिता की कमी के चलते बने हालात
Foresight : छिंदवाड़ा। नगर पालिक निगम के जिम्मेदारों की दूरदर्शिता में कमी के चलते आज
शहरवासियों कंठ सूख रहे हैं। मानसून ने आने में जरार सी देर क्या कर दी, पूयजल सप्लाई की पूरी
व्यवस्था ही लडख़ड़ा गई। हालात पानी के लिए ‘त्राहिमाम’ जैसे बन गए हैं। अर्थात पानी के लिए
जनता अब भगवान भरोस है। निगम के भरोसे रही तो चार दिन में एक बार पानी मिल सकेगा।
जानकर हैरानी होती है कि निगम के जिम्मेदारों खासकर जल प्रदाय विभाग ने ऐसी परिस्थिति से निपटने
कभी कोई कार्ययोजना ही नहीं बनाई। यह विभाग खुद ही भगवान भरोसे बैठा था।

अब जब हालात बिगड़ रहे हैं तो कहीं मोटर लगाई का जुगाड़ किया जा रहा है तो कहीं ट्रांसफार्मर लगाने की कवायद।
पेयजल सप्लाई ठप्प होने से जनता हजार रुपए टैंकर की दर तक पानी खरीदने मजबूर है।
कन्हरगांव डैम सूख चुका है और कड़ी मशक्कत के बाद भरतादेव डैम में इंटकवैल का पानी आया है,

लेकिन यदि बारिश में और देर हुई तो नगर निगम के पास अब भी टैंकरों से जल सप्लाई के अलावा
कोई बैकअप प्लान नहीं है। फिलहाल जो स्थिति है उसके हिसाब से दो-तीन दिन का पानी ही
डैम में मौजूद है। इसके बाद क्या होगा इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
तकरीबन 40 हजार कनेक्शन, 50 एमएलडी पानी रोज लगता है
नगर निगम क्षेत्र में लगभग 40 हजार नल कनेक्शन हैं। इनमें से 26 हजार नलों में कन्हरगांव
डैम से पानी पहुंचता है तो तकरीबन 14 हजार नलों में माचागोरा डैम से पानी सप्लाई
किया जाता है। लगभग 50 एमएलडी पानी रोजाना जनता उपयोग करती है।
जनता का गुस्सा फूटने की कगार पर

शहरवासियों में नगर निगम के जलप्रदाय विभाग को लेकर भारी रोष पनप रहा है। जनता का गुस्सा
फूटने की कगार पर है। पार्षद भी अपने-अपने वार्ड में कोई जवाब नहीं दे पा रहे हैं। वे भी निगम
कमिश्नर सीपी राय और जल प्रदाय विभाग के एई विवेक चौहान पर ही पूरा ठीकरा फोड़ रहे हैं।
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