आरोप : पुत्र ने युवती का शारीरिक शोषण किया, गर्भपात कराया ; माता-पिता ने कुकर्म में सहयोग किया
FIR : छिंदवाड़ा। चांदामेटा नगर परिषद की महिला पार्षद, उनके पति और पुत्र के विरुद्ध स्थानीय पुलिस ने
गंभीर धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध किया है। मामले में पीडि़ता ने आरोप लगाए हैं कि पार्षद पुत्र ने शादी का
झांसा देकर शारीरिक शोषण किया और फिर शादी से इंकार कर दिया वहीं उसकी पार्षद माता और
व्यापारी पिता ने इस कुकर्म में पुत्र का सहयोग करते हुए पीडि़ता को जान से मारने की धमकी देकर
और रुपए लेकर शांत बैठने के लिए दबाव बनाया। इस बीच आरोपी युवक ने डरा धमका कर
पीडि़ता का गर्भपात भी करवाया। प्रकरण में आरोपी हैं चांदामेटा नगर परिषद की पार्षद माधुरी वर्मा,
उनके पति दीपक वर्मा और दोनों का पुत्र संस्कार वर्मा। तीनों के विरुद्ध बीएनएस 2023 की धारा
69, 351 (3), 3 (5), एससीएसटी एक्ट की धारा 3(1)(w)(ll), 3(2)(v), 3(2)(va) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है।
यह है पीडि़ता की शिकायत
पुलिस को दिए कथन में पीडि़ता ने बताया कि वह संस्कार वर्मा को बीते लगभग एक वर्ष से जानती है। उसे
संस्कार वर्मा ने प्रेम प्रस्ताव दिया था और शादी करने की बात कही थी। इसके बाद शादी की बात
कहकर कई बार संस्कार ने युवती (पीडि़ता) के साथ शारीरिक संबंध बनाए।
इस दौरान जब युवती भोपाल में थी तो 11 सितंबर 2025 को और 12 सितंबर 2025 को संस्कार
युवती को लेकर होटल ओएसिस ब्ल्यू पहुंचा और वहां भी दोनों के बीच शारीरिक संबंध बने।
पीडि़त यवती के अनुसार माह नवंबर में भी उक्त होटल में ही शादी की बात कहकर संस्कार ने उसके साथ
संबंध बनाए जिसके बाद वह गर्भवती हो गई थी। बस यहीं सं बात बिगड़ गई।
पीडि़त युवती ने जब संस्कार को गर्भवती होने की बात बताई तो संस्कार ने उसे डरा धमकाकर
गोली खिलाई और उसका गर्भपात करवा दिया। इसके बाद संस्कार उससे दूर-दूर रहने लगा।
पीडि़त युवती के अनुसार वह जब भी संस्कार से शादी की बात करती तो उसे
डराया जाता और जातिगत गालियां दी जातीं।
पार्षद और पति ने भोपाल से बुलवाया
पीडि़त युवती ने पुलिस को बताया कि संस्कार की माता और पार्षद माधुरी वर्मा एवं पिता दीपक वर्मा ने उसे
भोपाल से परासिया बुलवाया और संस्कार से उसकी शादी करवाने की बात कही।
जब पीडि़ता भोपाल से आई तो खिरसाडोह रेलवे स्टेशन पर संस्कार ही उसे कार से लेने पहुंचा।
वहां भी कार में संस्कार ने पीडि़ता के साथ जबरदस्ती संबंध बनाए। यह बात पीडि़ता ने संस्कार के माता-पिता
को बताई तो दोनों का कहना था कि अब शादी होने वाली है तो कोई बात नहीं।
संस्कार के माता पिता ने पीडि़ता के समक्ष शर्त रखी कि अधिवक्ता मुकेश मौर्य के विरुद्ध झूठी शिकायत करो
तभी शादी हो पाएगी। इस पर पीडि़ता ने झूठी शिकायत कर दी। इस शिकायत के बाद माधुरी वर्मा और दीपक
वर्मा ने भी शादी करवाने से इंकार कर दिया, साथ ही यह भी कहा कि यदि वह परेशान करेगी तो उसे
जान से मरवा देंगे।
अधिवक्ता की झूठी शिकायत क्यों ?
अब सवाल यह उठता है कि अधिवक्ता मुकेश मौर्य की झूठी शिकायत क्यों करवाई गई ?
श्री मौर्य से पूछने पर उन्होने बताया कि जब संस्कार और पीडि़ता के बीच यह सब चल रहा था तब
युवती कानूनी सलाह के लिए उनसे मिली थी। फिर कुछ दिनों बाद किसी व्यक्ति ने उन्हें एक ऑडियो
रिकार्डिंग लाकर दी जिसमें संस्कार वर्मा उक्त युवती (पीडि़ता) को धमकर रहा था और कह रहा था कि जिस
वकील से मिलने वह गई थी उसे भी जान से मार देगा। इस पर अधिवक्ता श्री मौर्य ने थाना परासिया में
19/5/2026 को एफआईआर दर्ज करवाई और पुलिस ने संस्कार के विरुद्ध प्रकरण क्रमांक
193/2026, बीएनएस की धारा 296 (b), 351 (3), 67 आईटी एक्ट के तहत मामला पंजीबद्ध किया।
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