मामला गुरैया रोड स्थित झूलेलाल कालोनी का, अब फैसला आना बाकी
Tension : छिंदवाड़ा। लोनिया करबल क्षेत्र में गुरैया रोड स्थित झूलेलाल कालोनी में शासकीय सड़क (रास्ता)
बेचे जाने के मामले में अब तहसील से सिर्फ फैसला आना बाकी है। इस फैसले के साथ ही यह तय हो जाएगा कि
अवैध रूप से बने मकान टूटेंगे या बच जाएंगे। इस मामले में तहसील कार्यालय से झूलेलाल कालोनी के
सात मकान मालिकों को नोटिस जारी किए गए थे। बताया जाता है कि फिलहाल तहसीलदार छुट्टी पर हैं और
उनके कार्य पर लौटने के साथ ही फैसला आ जाएगा।
क्या है मामला
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इस प्रकरण में तहसीलदार के समक्ष शिकायत की गई थी कि अतिशय ग्रुप की ओर से वीरेंद्र कुमार जैन
पिता किशनलाल जैन द्वारा खसरा क्रमांक 303/1, 303/4, 498/6, 498/7 रकबा क्रमश:
0.405, 0.190, 0.034 एवं 0.522 हे. भूमि पर
कालोनी विकसित की गई थी जो कि टीएंडसीपी से प्राप्त अनुमतियों की धज्जियां उड़ाकर बनाई गई है।
जिस जमीन पर कालोनी बनाई गई है उसके बीच से पुराना एवं शासन के दस्तावेजों में दर्ज रास्ता था
जिस पर अब मकान बना लिए गए हैं। इस शिकायत के साथ शिकायतकर्ता ने समस्त
दस्तावेज भी उपलब्ध करवाए हैं। शिकायत की जांच पूरी हो गई है एवं अब तहसील से र्फसला आना बाकी है।
मकान मालिक तनाव में
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पटवारी प्रतिवेदन के अनुसार उक्त कालेनी में निर्मित मकानों में मनोहर पिता पंजाबराव 0.002 हे.,
मोहन चुंगलानी का रकबा 0.002 हे., महेश पिता बालचंद वाधवानी 0.009 हे., अमित लालवानी
0.008 हे., मोहप निता बानचंद लालवानी 0.002 हे., सुनील पिता रमेश लालवाली 0.010 हे. एवं
ओम पिता अनूप आसवानी 0.002 हे. में मकानों का कुछ हिस्सा निर्मित है।
उक्त मकान मालिकों को जबसे तहसील कार्यालय से नोटिस जारी किया गया है तबसे
वे तनाव में हैं।
अतिशय की ओर से महेश माधवानी ने रखा पक्ष
प्रकरण के तहत तहसील में अतिशय ग्रुप की ओर से महेश माधवानी ने पक्ष रखा है।
अब सभी की निगाहें फैसले पर टिकी हुई हैं।
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