दूसरे राज्यों की पासिंग गाडिय़ां फर्राटे भर रहीं शहर की सड़कों पर
Chhindwara RTO : छिंदवाड़ा। आरटीओ अनुराग शुक्ला का कार्यकाल सिर्फ जिले ही नहीं बल्कि
प्रदेश सरकार के लिए भी यादगार साबित हो सकता है। उनके कार्यकाल में सरकार को जो
करोड़ों का चूना लगा है उससे उनका कार्यकाल और कार्यप्रणाली को भूलना आसान नहीं होगा।
मामला वाहनों पर लगने वाले टैक्स का है। दूसरे राज्यों की आरटीओ पासिंग के वाहन प्रदेश सरकार
को मुह चिढ़ाते जिले की सड़कों पर फर्राटे भर रहे हैं। इनमें सबसे अधिक वाहन गुजरात राज्य से रजिस्टर्ड हैं।
ये है खेल…
परिवहन विभाग के जानकारों के मुताबिक मध्यप्रदेश में 10 लाख रुपए कीमत के वाहनों पर 10 प्रतिशत,
10 से 20 लाख तक की कीमत के वाहनों पर 12 प्रतिशत और 20 लाख से अधिक की कीमत के वाहनों पर
16 प्रतिशत टैक्स लगता है। वहीं गुजरात में हर चौपहिया वाहन चाहे वह कितनी भी कीमत का हो
उस पर सिर्फ 6 प्रतिशत टैक्स लगता है। इसी का फायदा उठाकर वाहन डीलरों ने गुजरात के अलग-अलग
जिलों में छिंदवाड़ा से खरीदे गए महंगे वाहनों को रजिस्टर्ड करवाया है।
Advertisement

यह खेल पिछले दो-तीन वर्षों में जमकर खेला गया। इसी का नतीजा है कि जिले की सड़कों से गुजरने
वाला लगभग हर पांचवा वाहन गुजरात पासिंग होता है। इस खेल में वाहन डीलरों को आरटीओ
अनुराग शुक्ला ने खुली छूट दी जिससे सरकार को कई प्रतिशत (करोड़ों रुपए) टैक्स का चूना लगा।
अब सवाल उठाए जा रहे हैं कि सरकार को इतना बड़ा नुकसान पहुंचाकर आखिर अनुराग शुक्ला को क्या
लाभ हुआ होगा ? बहरहाल सूत्रों की मानें तो प्रति वाहन के हिसाब से ‘मोटा लिफाफा’ आरटीओ के चैंबर
तक पहुंचाया गया और अनुराग शुक्ला ने सरकार को चूना लगाने के लिए ‘अघोषित अनापत्ति’ जता दी।
कलेक्टर की फटकार के बाद कुछ सुधार
25 मई को आरटीओ कार्यालय के कुछ एजेंट ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा था। उसमें इस मामले
का जिक्र था। सूत्रों के अनुसार इसके बाद आरटीओ अनुराग शुक्ला को कलेक्टर हरेंद्र नारायण
ने लताड़ लगाई थी। इस लताड़ के बाद हालातों में सुधार हुआ और गुजरात में वाहनों का रजिस्ट्रेशन
फिलहाल बंद कर दिया गया। सूत्र बताते हैं कि आरटीओ अनुराग शुक्ला ने वाहनों के डीलरों को बुलाकर
Advertisement

गुजरात रजिस्ट्रेशन के लिए मना किया और ऐसा न करने पर ट्रेड सर्टिफिकेट कैंसिल करने की
धमकी दी। इसके बाद मामले की रफ्तार धमी पड़ी।
आरटीओ फोन नहीं उठाते, चैंबर में मिलते नहीं इसलिए पक्ष नहीं…
परिवहन विभाग में चल रही धांधलियों और आम जनता की परेशानियों के संबंध में अक्षर भास्कर
में प्रकाशित समाचारों के संबंध में आरटीओ अनुराग शुक्ला से उनके कार्यालय में और
मोबाइल पर संपर्क के कई बार प्रयास किए गए लेकिन कार्यालय में चैंबर के बाहर तैनात
कर्मचारी के इंकार और मोबाइल रिसीव नहीं करने से उनका पक्ष नहीं रखा जा रहा है।
Read More…Drill : कन्हरगांव डेम से ऐसे बनाई जा रही पानी की व्यवस्था…
Read More…Chhindwara RTO : दलाली और भ्रष्टाचार का अड्डा बना छिंदवाड़ा आरटीओ कार्यालय !
