खातों की जांच हो तो धरा जाएगा सफेदपोश प्रभारी
Chhindwara RTO : छिंदवाड़ा। आरटीओ कार्यालय में अवैध वसूली के लिए कुछ ‘गुर्गों’ को लगाया
गया है ताकि सीधे जिम्मेदारों पर उंगली न उठाई जा सके। इन गुर्गों के मोबाइल में फोन पे के
माध्यम से अवैध वसूली की मोटी रकम वाहन चालकों से ट्रांसफर करवाई जाती है।
यूं तो प्रभारी आरटीओ अनुराग शुक्ला कभी कभार ही चैकिंग पर निकलते हैं लेकिन उसमें भी ये गुर्गे
उनके साथ नजर आ जाते हैं। कार्यालय में तो इन्हीं गुर्गों का राज चल रहा है। सूत्रों से मिली
जानकारी के अनुसार अवैध वसूली करने का जिम्मा जिन गुर्गों को दिया गया है उनमें कुष्णा
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और संतोष का नाम भी शामिल है। कृष्णा को रजिस्ट्रेशन के लिए आने वाली नई मोटरसाइकिल के काम
में अवैध वसूली का जिम्मा दिया गया है। ऐसे ही लाइसेंस के लिए आने वालों से संतोष अवैध उगाही करता है।
इनके अलावा और भी गुर्गे हैं जो आरटीओ कार्यालय के लिए ‘कमाऊ पूत’ साबित हो रहे हैं। आश्चर्य की बात
है कि प्रभारी आरटीओ अनुराग शुक्ला की नाक के नीचे धड़ल्ले से आम जनता को लूटने का काम
चल रहा है और उन्हें कार्रवाई करने की फुर्सत नहीं है। इसे लेकर अवैध वसूली में उनकी भूमिका को लेकर
भी सवाल उठाए जाने लगे हैं। सूत्र बताते हैं कि कृष्णा और संतोष के मोबाइल में फोन पे से जुड़े
खातों की यदि जांच करवाई जाती है तो लाखों रुपयों का ट्रांजक्शन मिलेगा जो कि उनकी
परिस्थितियों से बिल्कुल भी मेल नहीं खाता।
चार लोग लेकर चलते हैं प्रभारी आरटीओ
छिंदवाड़ा के प्रभारी आरटीओ अनुराग शुक्ला के साथ अधिकतर समय चलने वाले चार लोगों को लेकर
भी चर्चाएं जोरों पर हैं। सूत्रों की मानें तो यही चार लोग आरटीओ अनुराग शुक्ला के लिए
‘दक्षिणा’ लेने का काम करते हैं। शुक्ला खुद अपने हाथ ‘गंदे’ नहीं करते बल्कि इनके लिए ये ‘भोले’
लोग ‘दक्षिणा’ बटोरते हैं ताकि कभी फंसे तो ये चार लोग। बहरहाल, सवाल उठाए जा रहे हैं कि जिस प्रभारी
आरटीओ अनुराग शुक्ला से आम जनता परेशान, एजेंट परेशान, कई बार शिकायतें हो चुकीं
लेकिन फिर भी ऐसे अधिकारी को प्रभार से हटाया क्यों नहीं जा रहा ?
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